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Saar / सार

Author Name: Kavi Sri Roshan Ji | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

सार एक खोज है शाद लम्हों की जो बीते हुए संघर्ष की व्यथा बया करती है और रूह की रूहानियत को पथ प्रदर्शित करती है। इस किताब के माध्यम से जीने लिंक नई उम्मीद और एक कला प्रदान होती है जो फिर से कोशिश करने की प्रेरणा देती है और ये कहती है अभी बुरा वक्त है तो मत घबराना वक्त, वक्त की बात है ये वक्त भी कट जायेगा। परिवर्तन हो जीवन का नियम और नियति है जो नित नवीन होता रहता है और हमे अनमोल एहसास की अनुभूति करवाता है और जीवन जीने की प्रेरणा जारी रखता है और कई अनगिनत प्रेरणास्त्र अस्त्र हमे प्रदान करता है साथ ही साथ जीवन कायम रखता है।

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कविश्री रोशन जी

"मै" रोशन रोहित उर्फ रोशन इंदौरी जी इंदौर मध्यप्रदेश भारत का रहवासी इस किताब के माध्यम से कहना चाहता हूं कि लिखना और पढ़ना बहुत आवश्यक है और इसके बिना जिंदगी का सार अधूरा है और जीवन मै सफलता पाने के लिए पहले खुद को जानना जरूरी है और फिर आप दुनिया को समझ पाओगे और दुनिया आपको धीरे धीरे समझने लगेंगी, आपके बोल आपको आपकी जान पहचान देगे और ये नींव ही आपकी बुलंदी का सफर तय करेगी एव आपकी मंजिल का मिल का पत्थर बनेगी और नाम को सदा रोशन करती है और सदा करती रहेगी और मै अपने गुरुजी और समस्त कवि मित्रो (कवियों की पाठशाला) को दिल से आभार व्यक्त करता हूं और उन्हें कोटि कोटि नमन करता हुं जिन्होंने एक गुमनाम कवि को उसकी वास्तविक पहचान से मुखातिब करवाया है और निस्वार्थ साथ से जिंदगी रोशन करने मै सदा मदद की है और यही दुआ खुदा से सदा अंतिम सांस तक करता रहूंगा कि मेरे कवि मित्र सदा आबाद रहे,खुशहाल रहे,सदा निरोगी काया रहे।

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