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Samajh Bhasha ki / समझ भाषा की Bhashavigyaan Ka Nyunatam Gyan Prapt Kar Hindi Ko Kam Samay Mein Saral Banaakar Padhaane Ke Sootr

Author Name: Dr. Ram Prakash Saxena | Format: Paperback | Genre : Language Studies | Other Details

इस पुस्तक में लेखक ने अपने बहुआयामी ज्ञान व अनुभव से बताया है कि यदि भाषा (हिंदी) शिक्षक को भाषाविज्ञान का बुनियादी ज्ञान दे दिया जाए, तो हिंदी को कम समय में सरल बनाकर मनोरंजक ढंग से पढ़ाया जा सकता है। दूसरी भाषा सीखने में ग़लतियाँ क्यों होती हैं, इनके कारणों तथा उपायों को बड़े वैज्ञानिक और सरल ढंग से इस पुस्तक में समझाया गया है। इस पुस्तक में केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक वर्तनी व मानक उच्चारण का प्रयोग किया गया है। यह पुस्तक शिक्षकों के साथ अभिभावकों तथा छात्रों के लिए भी  बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। इस विषय पर यह पहली पुस्तक है, जो मील के पत्थर का काम करेगी। 

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Paperback
Paperback 199

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डॉ. राम प्रकाश सक्सेना

डॉ. राम प्रकाश सक्सेना, डी. लिट., 40 से अधिक वर्षों से भाषा अध्यापन और भारतीय और विदेशी छात्रों को हिंदी पढ़ाने से जुड़े हुए हैं। वह भाषा शिक्षण और लिपि विज्ञान (लिप्यंतरण) में एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं। इस पुस्तक के माध्यम से वह हिंदी के शिक्षण में सुधार करना चाहते हैं। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में कई पुरस्कार विजेता पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने अपने काम के लिए महाराष्ट्र साहित्य अकादमी और उत्तर प्रदेश सरकार से पुरस्कार जीते हैं। वे वर्धा हिंदी शब्दकोश के संपादक थे और उन्होंने भारतीय भाषाओँ में लिप्यंतरण पर होमी भाभा पुरुस्कार भी जीता है। वह नागपुर विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान, विदेशी और भारतीय भाषाओं के पूर्व प्रमुख और कला और ललित कला के पूर्व डीन भी थे। उनके निर्देशन में 29 छात्रों को पीएच.डी. से सम्मानित किया गया है। वे अब अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहते हैं।

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