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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palजो सरहदों पर खड़े दिन रात ,
छोड़कर अपनी भावनाओं का साथ,
लेकर आए हैं हम इनकी जिंदगी ,
बनाकर कई हाथों के साथ।।
"हर वक्त जान को हाथ मे लिए वो नोजवाँ देश पर न्यौछावर रहता है, इश्क मुहोब्बत की बात करे तो वो खुद को "देश प्रेमी" कहता है।।"
जिस प्रकार हम डॉक्टर को ईश्वर मानते हैं उसी प्रकार हमारे रक्षक देश की सीमा पर खड़े वीर जवान सैनिक भी हमारे लिए ईश्वर है ।वह अपने जीवन की सारी खुशी त्याग कर सीमा पर आपातकालीन सेवा में उपस्थित रहते है।
कहते है कि हमारे ऊपर रक्षा करने हेतु ईश्वर हैं, किन्तु धरा पर हमारे प्राणों के रक्षक जो ईश्वर हैं वहीं हमारे देश का एक - एक सैनिक है जो अपनी बूढ़ी माता की ममता से दूर ,बूढे पिता के साथ से दूर, अपने संगिनी साथी से दूर इस देश के सभी माता पिता देश की मिट्टी के लिए , तिरंगे की आन -बान शान के लिए हर तत्पर रहता है।
चित्रकला बागड़ी, Rahul Patidar
मेरा नाम चित्रकला बागड़ी है मैं राजस्थान के हनुमानगढ़ के पीलीबंगा क्षेत्र के छोटे सी गांव 34 STG की रहने वाली हूं। मैं एक बहुत अच्छी लेखिका के साथ- साथ विशेष अध्यापिका बनना चाहती हूं।मैं अपनी कविताओं से लोगो मे जागरूकता जगाना चाहती हूं । मैंने पढ़ाई में स्नातक ओर कोपा आई टी आई कि है । लिखना मेरी जिंदगी का सुकून है।मैंने बहुत सी सनकल में सह लेखक के रूप में अपनी कवितायें प्रकाशित करवाई है व संकलन के रूप में मेरी तीसरी पुस्तक है ।मैं हमेशा अपनी कविता में वास्तविकता दर्शाने की कोशिश करती हूँ।
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