Hindi

करुंगा मेहनत और खुद को बदलता चला जाऊंगा।
By Puran Rajput in Poetry | Reads: 83 | Likes: 0
#करुंगा मेहनत और खुद को बदलता चला जाऊंगा। आसमां को छुने कि चाहत लेकर वक्त के साथ निखरता चला जाऊंगा। करुंगा मेहनत और  Read More...
Published on Apr 14,2020 11:57 AM
हम फिर एक नए युग की ओर बढ़ जाएंगे
By Nilesh Sankrityayan in Poetry | Reads: 117 | Likes: 0
देख रहा है दूर क्षितिज पर खड़ा सवेरा एकटक उपहास करती स्याह रात्रि को अब जल्द ढलना होगा, मुस्काएगी ज़िन्दगी दुबारा,   Read More...
Published on Apr 14,2020 12:10 PM
Khuda se raabta
By rupesh setia in Poetry | Reads: 80 | Likes: 0
Ek shaqs kitna zaruri hai,    Khuda se zyada ya kam  Swaal zehen ne tha ke khyal aya,  Ki khuda se jyada to shayd nahi par kam bhi nahi    To kya shaqs khuda ho sakta h kya,  Swal zayaz tha or hota bhi ku nahi, khud mana hai khuda shaqs ko    Khuda khush   Read More...
Published on Apr 14,2020 12:13 PM
ये वक़्त भी बीत जाएगा
By Ritika Singh in Poetry | Reads: 133 | Likes: 1
वक़्त बूरा है तो क्या हुआ, ये भी गुज़र जायेगा। आज अंधेरा है तो क्या हुआ, कल फिर उजाला होगा। ये वक़्त मिला है खुद के लिए, थ  Read More...
Published on Apr 14,2020 02:27 PM
Kahani
By sanjit in Poetry | Reads: 82 | Likes: 0
thode kacche hai Thode se pake hai Ha abhi abhi nind k chulhe se utare hai khwab  Inhe jeene k irade sache hai K ab jo khwab dekhe hai buland pahado se Inhe fateh karne ki  Mehnat behisab hoge Par is yakeen se chal pade hai ki Ha halat bure hi sahi Lekin kahani lajawb hoge Dil tootega ye   Read More...
Published on Apr 14,2020 03:16 PM
Ehsan faramosh
By sanjit in Poetry | Reads: 141 | Likes: 0
Subha k pehle kiran ki gunguni dhup Tu nahi Dopahri khilkhilate patto ki sarsarahat tu nahi Sham ko gurrate samundar ki gunj Tu nahi Ye kudrat  Ye aasman Hai tujpe meherban Lekin us meherbani ki kadar tuje nahi Soch samaj k ye bhul chuka hai tu zalim K tu iss kudrat se hai Kudrat tujse nahi.&nb  Read More...
Published on Apr 14,2020 03:18 PM
Korona ko harana hai
By Geetika Sidana in Poetry | Reads: 89 | Likes: 0
                        Korona ko harana hai korona korona fail raha hai korona,                                       Duniya tabha ho rahi   Read More...
Published on Apr 14,2020 03:37 PM
My first poetry
By Arun Kumar Prajapati in Poetry | Reads: 226 | Likes: 1
जैसा समय चल रहा है उस पर ये कविता लिखी हैं मेने। बेवजह घर से निकलने की जरूरत क्या हैं जनाब, मौत से मिलने की जल्दी क्या  Read More...
Published on Apr 14,2020 03:56 PM
है नमन उनको ( जलियावाला बाग)
By Ajahar Rahaman in Poetry | Reads: 130 | Likes: 1
है नमन उनको आज़ादी की कीमत जिनकी छात है । है साक्षी जिनके लहू का ,प्रत्यक्ष दिवाकर । जिनके रक्त कणो से लिपटी ,जलियाव  Read More...
Published on Apr 14,2020 06:35 PM
कुछ बात
By Suchismita Behera in Poetry | Reads: 81 | Likes: 0
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी घर से दूर रहते हैं वो पढ़ाई का ख्वाहिश हो या कमाने की कोशिश सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे  Read More...
Published on Apr 14,2020 06:54 PM
ख़ून के दाग़ ज़िद्दी होते हैं
By Divya in Poetry | Reads: 519 | Likes: 1
कभी देखा है, बड़ी होर्डिंग या दीवारों पर? विज्ञापन छापते या अख़बारों में? टीवी पर? थियेटर में? इंटरनेट या बाजारों मे  Read More...
Published on Apr 14,2020 06:54 PM
तुम लौट आओ...
By Aditi Pareek in Poetry | Reads: 86 | Likes: 0
ना चांद माँगते हैं ना सितारे चाहिए लहरों में फ़सी जिंदगी को ना किनारे चाहिए फूल भी नहीं माँगते ना बहारें चाहिए अँधे  Read More...
Published on Apr 14,2020 07:40 PM
अपना ख्याल रखना...
By Aditi Pareek in Poetry | Reads: 79 | Likes: 1
"अपना ख्याल रखना" तुम अपना ख्याल रखना, और उस दिल का भी जिसकी किसी- किसी धड़कन में हम भी बसा करतें हैं, और उन अपनों का भी ज  Read More...
Published on Apr 14,2020 07:43 PM
कुछ रिश्ते यूँ फिज़ूल हुए ...
By Aditi Pareek in Poetry | Reads: 121 | Likes: 1
कुछ रिश्ते यूँ 'फिज़ूल' हुए, कुछ याद रहे, कुछ भूल हुए रक्खे थे साफ़ जमानों से न जाने कब क्यूँ "धूल"हुए, कुछ रिश्ते यूँ फिज़  Read More...
Published on Apr 14,2020 07:45 PM
लक्ष्मण रेखा में....... रावण
By Naveen pandey in Poetry | Reads: 180 | Likes: 1
देखों कैसे पाट दिये, सारे रावण इक घेरे में। अब विष उगलेंगे दसों शीश से, मानवता के चेहरे पर।। अब सारे रावण रेखा के भीत  Read More...
Published on Apr 14,2020 09:49 PM