Hindi

Lockdown -corona
By Divya saini in Poetry | Reads: 108 | Likes: 0
1)  Aaj aisa Waqt Aaya ; Corona Ne Hamare tan ko haraya .. per lockdown ki Dekho Maya ; Hamare Man ko aur majbut Banaya. 2)  Paise Ke Chakkar Mein Jisne pahle Parivar Ka Pyar Bulaya;  Aaj Usi Ne lockdown Mein rahke Apne rishto Ko suljhaya.. 3)  Saccha Sath mahsus karna Sikhaya;  Read More...
Published on Apr 14,2020 10:15 PM
हां वो लड़का है..
By Aditi tiwari in Poetry | Reads: 78 | Likes: 2
इंसान वो भी ,टूटा वो भी है ,जख्म उसके भी कुरदे है दुनिया वालो ने, हा वो लड़का है , आज वो मुस्कुराया नहीं है , अर उसने अपन  Read More...
Published on Apr 14,2020 10:18 PM
College dairies
By Satyam Yadav in Poetry | Reads: 82 | Likes: 0
हर शाम कुछ खास होती थी, हर शाम की सैर मे कुछ बात होती थी, दोस्तों की महफिले साथ होती थी और बी.के.टी की शाम, शाम होती थी |   Read More...
Published on Apr 14,2020 10:24 PM
चाहत खोजता हूँ ।
By Ajahar Rahaman in Poetry | Reads: 159 | Likes: 1
मेरे सीने में दर्द है ,अब राहत खोजता हूँ । मुझे  मुस्कराये हुये जमाना हो गया । आर ज़े माही अब  तो मैं हर शय में तेरी  Read More...
Published on Apr 14,2020 11:19 PM
आधी सी ज़िंदगी
By Lekhiqa in Poetry | Reads: 93 | Likes: 0
आधी सी ज़िंदगी पौना सा वक़्त सवा सेर सा प्यार अधूरा सा सच। किश्तों में निभते रिश्ते या रिश  Read More...
Published on Apr 15,2020 12:06 AM
इंतज़ार
By Shreya Sahai in General Literary | Reads: 83 | Likes: 1
जब मैंने ऊपर देखा तो सारे तारे ग़ायब हो चुके थे। बस एक चाँद था मेरे साथ। हम दोनों तुम्हारे घर के बाहर तुम्हारा ही इं  Read More...
Published on Apr 15,2020 12:18 AM
Ek umeed
By Pravi in Poetry | Reads: 84 | Likes: 0
Kya pyar k badle pyar Dena itna mushkil haiShyd mushkil hi hoga tbhi itni takleef dene ki himmat samne Wala rkhta hai ki use pyar se zyada takleef Dena acha lagta haiKahne ko bahut kch hai magar kahte bhi toh unse hai jinhe smjh mein aata haiAb tk kisi nasamjh se hi kaha tha tbhi yhn pyar ki jagh ta  Read More...
Published on Apr 15,2020 01:08 AM
Haqeqat
By Pravi in Poetry | Reads: 81 | Likes: 0
Waqt k chalte logon ne hara dia mjhe pehle kisi paraye ne aur fir apno neAur Jo bacha kucha tha woh mene poora kr diaAb na koi rishta hai na pyar kisi se Sirf nafrat hai khud se qunki khud ne khud hi ko haraya haiFir kisi aur ko kya kahu Jahan m khud hi khud hi ki nahi rhiChup reh k sahna apne   Read More...
Published on Apr 15,2020 01:09 AM
मोहब्बत चीज ही ऐसी
By Nandan mishra in Romance | Reads: 96 | Likes: 1
मोहब्बत चीज  ही ऐसी जो पैसों पर नहीं पलता जहां मतलब आ जाए वहां मोहब्बत नहीं रहता कहानी प्रसिद्ध मोहब्बत की जमाना   Read More...
Published on Apr 15,2020 07:24 AM
आज फिर गोद में ले ले मुझे मां
By Shreeya Katyal in Poetry | Reads: 169 | Likes: 1
बचपन पीछे छूट गया,बीत गया वो राहत का समा,बढ़ा में आज हो गया,जवानी की मुसीबतों से हूं जूझ रहा |जिंदगी के थप्पड़ खा खाकर  Read More...
Published on Apr 15,2020 11:01 AM
क्यों इसने जीना छोड़ दिया ?
By Shreeya Katyal in Poetry | Reads: 181 | Likes: 3
रोज़ देखा करता था उस भोली सी लड़की कोऔर खयाल आता था कि जिंदा तो है,फिर क्यों इसने जीना छोड़ दिया ?ज़िंदगी से आखिर क्य  Read More...
Published on Apr 15,2020 11:11 AM
On Palm Sunday 2020 सोचा न था
By Seema Benedict in Poetry | Reads: 155 | Likes: 4
किसने सोचा था कि पुण्य सप्ताह की शरुआत घर बैठे होगी।मनुष्य के घर बैठते ही वायु शुद्ध हो गई।आसमान साफ दिखने लगा,मछल  Read More...
Published on Apr 15,2020 11:54 AM
A girl
By saurav_writes in Crime | Reads: 119 | Likes: 0
हा मै कपडे छोटे पहनती हू..मगर आप kyu  सोच छोटी रखते है।हा मैं देर रात को लौटती हू आप अंधकार मे कया करते हैं। हा इजजत तो   Read More...
Published on Apr 15,2020 12:31 PM
पुकारती है ये धरा
By Virender Kumar, Om Prakash Chadha in Poetry | Reads: 196 | Likes: 0
पुकारती है ये धरा  पुकारता ये पहाड़ है ये कौन है जो मुझ से करता छल हर बार है ये कौन   Read More...
Published on Apr 15,2020 01:29 PM
इश्क तेरा
By Pooja Barnwal in Romance | Reads: 90 | Likes: 0
शांत मगर झील सी गहरी आंखें, खामोश होकर भी अनगिनत बातें करते लब, बातें भी ऐसी इश्क की चाशनी में डुबी हुई हो जैसी, मुखड़  Read More...
Published on Apr 15,2020 02:13 PM