Hindi

मेरा तन - मन हिंदी
By Ajahar Rahaman in Poetry | Reads: 88 | Likes: 1
मेरा तन हिंदी, मेरा मन हिंदी । मेरा जीवन हिंदी ,मेरा बच्चपन हिंदी । मैं समर्पित हिंदी को ,हिंदी मेरी भाषा । हिंदी मेर  Read More...
Published on Apr 13,2020 12:53 PM
Duhita
By toolika mishra in Poetry | Reads: 88 | Likes: 0
Kashish h uski aankhon mein Ummed h uske zehen m Masoomiyat h uski baaton  mein Urja h uske palon m, .....kyunki ..... Duhita h vo….  Read More...
Published on Apr 13,2020 01:30 PM
कमबख़्त झुमका
By Nilesh Sankrityayan in Poetry | Reads: 95 | Likes: 0
मन है बेचैन इस भीड़ में हमने खुद को तन्हा पाया है रुठ गई हो किस्मत जैसे, काले शैतान समान अंधेरा छाया है एक पल को सुनाई  Read More...
Published on Apr 13,2020 03:52 PM
दुष्ट vs हीरोंs
By Kritika in Poetry | Reads: 97 | Likes: 0
पीड़ित लोगों के जिस्म पर ही नहीं  पर पूरी दुनिया की रूह पर इस दुष्ट वायरस का पहरा है । बारूद , गोली के घाव नहीं है तो   Read More...
Published on Apr 13,2020 04:49 PM
प्रेयसी
By Nilesh Sankrityayan in Poetry | Reads: 91 | Likes: 0
प्रेयसी की आंखों में काजल देख मैं भरमाया सब्र का बांध तोड़ मैं उतर गया, आंखों ही आंखों में, देख यह ललित दृश्य दूर बैठ  Read More...
Published on Apr 13,2020 05:57 PM
फिर हम अपने अपने रास्ते चल दिए।
By akansha rastogi in Mystery | Reads: 116 | Likes: 1
मैं यहाँ पहले कभी नहीं आया।  वाक़ई?  हाँ! सच मुच। काफ़ी सुना था इस जगह के बारे में, अब&nb  Read More...
Published on Apr 13,2020 07:25 PM
कलयुगी रावण
By SUKHWANT KUMAR in Poetry | Reads: 93 | Likes: 1
पूजनीय नही मैं ,ना अति पावन हूँ, कलयुग की इस रामायण का  मर्यादा पुरषोत्तम राम नहीं मैं लंकापति अभिमानी रावण हूँ। क  Read More...
Published on Apr 13,2020 07:58 PM
कैसे कह दिया तुमने वो प्यार नहीं था
By in Poetry | Reads: 134 | Likes: 0
कैसे कह दिया तुमने वो प्यार नहीं था कैसे कह दिया तुमने वो प्यार नहीं था मुझे तो अब भी वो सारी बातें याद है वो तेरा मु  Read More...
Published on Apr 13,2020 08:06 PM
उसे डर इस बात का था
By Shubham Chandrakant Shinde in Poetry | Reads: 82 | Likes: 0
उसने कभी मुह उठाके बात नही की , वो शायद कहना चाहती थी कुछ पर शायद उसकी आवाज दबा दी गईं । उसकी ख्वाहिश शायद अधूरी रही ह  Read More...
Published on Apr 13,2020 08:58 PM
Woh mila ek din.
By priyangni in True Story | Reads: 155 | Likes: 1
namaskar,  Main ek dari sehmi si khwaiesh hun. Jo, bus zindagi ke  khulepan mein khulna chahti hain. Haan janti hun.., yeh padhte waqt apko thoda ajeeb lg ra hoga , pr gabaraiye mt, aage kahani bahut khubsurat hai,  Woh kehte hain na unexpected things comes with a surprise , bas kuch   Read More...
Published on Apr 13,2020 08:59 PM
ख़ामोशी अच्छी लगती हैं
By dolly in Poetry | Reads: 92 | Likes: 0
दिल भर आता है जब किसी की याद में तो खामोशी अच्छी लगती है। टूट जाते है पुराने रिश्ते किसी नई आड में तो खामोशी अच्छी लग  Read More...
Published on Apr 14,2020 12:41 AM
ज़रूरी है!
By Gaurav Khandelwal in Poetry | Reads: 121 | Likes: 0
कर्कश शोर से भरी इस दुनिया में, एक सुकून की आवाज़ ज़रूरी है। मन लगाने भर के लिए आने वाले लोगों में, जो मन में लग जाए, व  Read More...
Published on Apr 14,2020 07:00 AM
क्योंकि ये Lockdown है
By Krishna Nandan in Humour & Comedy | Reads: 148 | Likes: 0
करवटें यूँ ही बदलते सुबह, दोपहर, शाम ढलते पान सिगरेट की अब मचे तलब तबीयत भी हुई डाउन है क्योंकि ये Lockdown है ।न मॉ  Read More...
Published on Apr 14,2020 08:40 AM
वो दिन नहीं रहे अब
By Pooja Barnwal in Poetry | Reads: 82 | Likes: 0
वो बचपन के दिन भी कितने खुबसूरत थे, चंद लम्हों में हम अपनी खुशियाँ ढुंढ लिया करते थे, कोई रूठ जाए तो पल में हंसकर मना   Read More...
Published on Apr 14,2020 11:24 AM
अच्छा लगता है।
By Pooja Barnwal in Romance | Reads: 82 | Likes: 0
मैं अक्सर नजरें फेर लेती हूँ तेरे साथ होने पे, तेरा चोरी~चुपके से मुझे निहारना, दिल को बेहद अच्छा जो लगता है। सीधे रा  Read More...
Published on Apr 14,2020 11:32 AM