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Hindi

जहाँ में सबको तो एक दिन
By Shubham Priyadarshan in Poetry | Reads: 91 | Likes: 0
जहाँ में सबको तो एकदिन,किसी से प्यार होता है। खुली आँखों से तब, रातों का बेड़ा पार होता है। ये दिल बेचैन रहता है, सदा इ  Read More...
Published on Mar 23,2020 10:44 AM
कोरोना मत मारो ना
By Harshit Singh Shekhawat in Poetry | Reads: 86 | Likes: 1
थम गया है देश,  रुक गया है देश,  जब से फैला है कोरोना,  देखकर इसका प्रकोप सब, भूल गए हैं महंगाई और भ्रष्टाचार का रो  Read More...
Published on Mar 23,2020 10:49 AM
सफलता
By Shubham Priyadarshan in Poetry | Reads: 98 | Likes: 0
चल पड़े हो अब न रुकना, अब नही तुमको है झुकना, अब कि जब है रार ठाना, लौट के वापस न जाना। हार होगी जीत होगी, नफ़रतें और प्रीत  Read More...
Published on Mar 23,2020 10:57 AM
नारी
By pranita meshram in Poetry | Reads: 79 | Likes: 1
        चल निकल प्रथस्त पथ पर,         इस धरती का अभिमान हैै तू।         हृदय भी दे दूँआ जिसे देखकर,       &  Read More...
Published on Mar 23,2020 11:41 AM
The girl who was raped ( chapter 1) हिन्दी
By Nitin Jangid in Crime | Reads: 250 | Likes: 1
आज सड़क पर रोज़ की ही तरह चहल पहल थी । आज भी सड़क के किनारे फलो के ठेले लगे हुए थे । लोग ठेलो पर फलो का मोलभाव कर रहे थे । यह  Read More...
Published on Mar 23,2020 11:52 AM
शैतानी रास्ता
By Bhushan Patil in Horror | Reads: 208 | Likes: 1
वेसे तो इस बात को 10 साल गुजर चुके है। पर आज भी उस भयानक घटना को याद कर मेरी रूह तक कांप जाती है। मेरा नाम मुकेश है। ये ब  Read More...
Published on Mar 23,2020 11:57 AM
नारी तू प्रयास कर
By pranita meshram in Poetry | Reads: 79 | Likes: 1
       चल निकल प्रथस्त पथ पर,         इस धरती का अभिमान हैै तू।         हृदय भी दे दूँआ जिसे देखकर,       &nb  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:00 PM
Waqt
By Bhavik in Poetry | Reads: 101 | Likes: 1
Waqt ki ye badalti raftar  Usme zindgi se roz takrarSoch me us se roz aageKaru kuch to galtiya jageNa karu kuch to waqt firse aageHam to hai ek dam damdar par Waqt ki ye badalti raftar  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:03 PM
आँगन की चिड़िया
By Chetan Kohar in Poetry | Reads: 102 | Likes: 0
                              माँ , इक चिड़िया आती थी आँगन में                                चह  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:08 PM
हक देती नहीं मैं
By pranita meshram in Poetry | Reads: 158 | Likes: 1
हक देती नहीं मैं उन्हें जो कहते हैं,                 बेटी  पराया  धन  होती  है।           Read More...
Published on Mar 23,2020 12:12 PM
मैं इस देश की बेटी हूँ
By pranita meshram in Poetry | Reads: 115 | Likes: 0
  तू कमजोर नहीं है, जो                                  अपने वक्त को यूं गवायेगी।             &nb  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:22 PM
मुद्धतों बाद आज खुद से
By Amrish Sharma in Poetry | Reads: 72 | Likes: 1
मुद्धतों बाद आज खुद से यूं मुलाकात हुई मेरी, सुनता रहा खामोशी से फ़िज़ा से बात हुई मेरी, रास्ते सून, गलियां सून, परिन  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:29 PM
हम यूं ही तो ना मिले होंगे.....
By pranita meshram in Poetry | Reads: 97 | Likes: 0
            कहते हैं खुदा उनसे ही मिलाता है              जो किस्मत में लिखे होंगे ,    &nb  Read More...
Published on Mar 23,2020 12:34 PM
खुदा और पापा
By Rabiyath Nashween in Poetry | Reads: 138 | Likes: 1
बचोंके हर सपने को पापा अपना मान्के पूरा करते हे। खुदा तोह हम सबके पापा हें, वे हर इन्सान के सपने को पूरा करते है । खुद  Read More...
Published on Mar 23,2020 02:24 PM
सफ़र में चलूँ
By Rajpal Singh in Poetry | Reads: 73 | Likes: 0
इस लंबी काली रात की  कोई चमकती सुबह हो हर फ़िक्र की फ़िक्र छोड़ मैं सफ़र में चलूँ रास्ते जो वीरान हैं  खिलखिला के  Read More...
Published on Mar 23,2020 03:21 PM