হিন্দি

Aakhari tamanna
By aryan bhattacharya in Poetry | পড়ার জন্য : 116 | পছন্দ: 0
Mere zanaaje par, ek phool chadha dena, Tum khush rahana aur aasun mat bahana. Mere dil me tumhare liye utna hi pyar rahega, jitna aaj hai  kal bhi rahega.  Beshak tumhare dil me, mere liye koi jagah nhi  Tumhare pass is tute huye dil ke liye koi marham nhi, bas ek baar muskurake dekh  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 01:25 PM
Maa ki Anchal
By aryan bhattacharya in Poetry | পড়ার জন্য : 117 | পছন্দ: 0
Maa ki aanchal, aati hai bahut yaad. Kbhi daat dapat to kabhi pyar. Jag me duja na koi aanchal se badhakar badi.  Maa ki aanchal aati hai bahut yaad. Maa ki charnon me kshama ki sagaron men dubaki jab lagaata hun chaaron dhaamon se badhakar yahi dhaam paata hun.   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 01:47 PM
Main rahu ya na rahu
By aryan bhattacharya in Poetry | পড়ার জন্য : 124 | পছন্দ: 0
Main rahu ya na rahu, kisi ko kya frak padta hai. Arman tute ya bikhar jayen kisi ko kya frk padta hai.  Ganm ke saayen me jiun ya khushi ke anchal me kisi ko kya frak padta hai mai rahu ya na rahu.  Socha tha koi to saath hogi is viraan mahfil me mere paas hogi, par kisi ko kya frak padta  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 01:56 PM
Khush hu
By aryan bhattacharya in Poetry | পড়ার জন্য : 101 | পছন্দ: 0
Khush hun jindagi hai chhoti, har pal me khush hun. College me khush hun, ghar me khush hun. Aaj panir nhi hai daal me hi khush khush hun. Aaj gaadi me jane ka vkat nhi , do kadam chalke hi khush hun. Aaj dost ka saath nhi, kitabon ko padhke hi khush hun. Aaj koi naaraj hai uske is aandaaj me bhi kh  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 02:09 PM
हट जाएगा नकाब
By Aniket Mandal in Poetry | পড়ার জন্য : 165 | পছন্দ: 2
मिटेगा देख आज ये,  'कोरोना' का खितब् रे।  खौफ दिल से और मु से हट जाएगा नकाब रे।   माना तु महान है,  मगर हम भी इंशा  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 02:30 PM
मैं सरफिरा..
By shubham pandey in Poetry | পড়ার জন্য : 114 | পছন্দ: 1
मैं सरफिरा बस चलता जाता हूं। गिरता गिरता संभालता जाता हूं, मैं सरफिरा बस चलता जाता हूं।   कदम कदम पर खतरे हैं जो रो  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 04:09 PM
गरीबो की दर्द भरी दास्तां कौन सुने ?
By Dr Jagdish Prasad in Thriller | পড়ার জন্য : 297 | পছন্দ: 0
बेचारे गरीब इंसान को बेरहम ऊपरवाले ने इस संसार में इस तरह पटक दिया है मानो गली में पड़ा केले का छिलका ! जो हर वाहन के   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 04:19 PM
Raaste
By Harshee Shukla in Poetry | পড়ার জন্য : 124 | পছন্দ: 0
एक ऊफान सा था अंदर लहरों सी हलचल थी कभी गिरती कभी उठती कभी लड़कपन सी डगमगाती कभी टूटे द  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 05:24 PM
है निवेदन आपसे देश की प्रगति के लिए
By Iswar Nishad in Poetry | পড়ার জন্য : 307 | পছন্দ: 2
समय की चाल रुक सकती नही, परिवर्तनशील मन कि भावनाये हैं, आज गांव शहर बन रहे है, विकास की हो रही सुविधाएं हैं, फिर शिक्ष  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 05:38 PM
Meera Mohan
By Shailesh Dayama in True Story | পড়ার জন্য : 556 | পছন্দ: 0
दौड़। .. ज़िन्दगी का एक ऐसा सच जो आपही के साथ दौड़ता  रहता है कहते है जो हमारा नहीं वो हमे लाख जतन करके भी नहीं मिलता और   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 05:44 PM
जागो हिंदुस्तानी जागो
By veerendra kumar Dewangan in True Story | পড়ার জন্য : 448 | পছন্দ: 0
महाभारत का एक प्रसंग है। महाभारत के महायुद्ध में अपने पिता द्रोणाचार्य के धोखे से मारे जाने से अश्वत्थामा का ह्दय  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 06:23 PM
दिल की बात उस से कह न सके
By Ashu Choudhary ''Ashutosh in Poetry | পড়ার জন্য : 130 | পছন্দ: 1
कभी लोगों के आस्तीन में था जो अब हवाओं में छुपा वो खंजर है बड़ा खौफनाक ये मंज़र है मलाल बस इस बात का है 'आशु' दिल की बात  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 07:28 PM
BHAROSA.
By Aquib Javed in Poetry | পড়ার জন্য : 189 | পছন্দ: 1
Jo  rakhte hai bharosa apne rab ki zaat pe.. Vo bikharte nahi kabi kitni b badi baat pe.. Housle hmare past ho Gaye is guman me na rehna Kabu rakhna jante hai hum apne jazbaat pe Log dis se dar k ladna chod dete.. Ye jugnu has padta hai us siyah raat pe.. Ye tanhaiyan ab use kya sataygin.. Jo y  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 07:47 PM
कुछ हौसले...
By Franklina Gudipati in Poetry | পড়ার জন্য : 208 | পছন্দ: 2
                कुछ हौसले......  ये हौसले है आबाद के  जब रंजिशें है आजाद के मुसकान थी सीने में जली,  झलक थी जी  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 08:21 PM
क्या से क्या हो जाता है पार्ट 3
By Mandeep Singh script king in Thriller | পড়ার জন্য : 344 | পছন্দ: 0
  https://akshaykumarfilm.blogspot.com/  इसके सभी पार्ट पढ़ने  के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें     मेरे दोस्तों इसे  लाइक  जरूर क  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 25,2020 09:11 PM