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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palइस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है जो ईश्वर पर विश्वास करता है, जिसे ‘’अल्लाह’’ कहा जाता है| कब्रिस्तान में जाने के बाद सर्वप्रथम ‘वजू’, फिर अल्लाह की स्तुति, तत्पश्चात मृतक के लिए दुआ की जाती है|
इस उपन्यास के नायक, सनौली गाँव के एक गरीब, असहाय हामिद चाचा हैं| ये निःसंतान और काफी गरीबी अवस्था में जीवन यापन कर रहे होते हैं| दिन व दिन पर्याप्त खाना, दवाई, फल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों के लिये तरसते रहते| अपने-पराये कोई इन्हें पूछते तक नहीं थे, पर ये दोनों हमेशा एक दूसरे के लिये मरते रहे| खाना और दवाई के अभाव में चाची, एक दिन इस दुनिया को अलविदा कह चल देती है| चाचा मजबूर हो चाची को कब्र में दफनाकर, भूखे -प्यासे आजीवन उस कब्र के पास उसके लिये दुआ माँगते-माँगते, सदा के लिये ख़ुदा को प्यारे हो जाते हैं|
मैंने अपने स्वप्न और कल्पना को, मानवीय भावनाओं का वस्त्र पहनाकर एवं मानवीय रूप, आकार ग्रहण कराकर, ‘बेपनाह मोहब्बत‘ उपन्यास के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत है|
मैं न तो दार्शनिक हूँ, न ही दर्शनग्य, न ही मेरा अपना कोई दर्शन है, और न ही मुझे लगता है, कि दर्शन द्वारा मनुष्य को सत्य की उपलब्धि हो सकती है| ये केवल मेरे मन के प्रकाश का स्फुरण अथवा प्ररोह है, जिन्हें मैंने एक कहानी का रूप देने के लिए शब्द-मूर्त करने का प्रयास किया है| मैंने कल्पना के पंखों से उड़ने की मात्र कोशिश की है, पर कहाँ पहुँच पाई, ये तो आप लोग ही (जो प्रेरक के रूप में हर वक्त मेरे साथ हैं) बता सकते हैं|
अंत में, मैं इस भूमिका के रूप में, प्रस्तुत अपने विचारों, विश्वासों तथा जीवन मान्यताओं की त्रुटियों एवं कमियों के सम्बंध में अपने पाठकों से अग्रिम क्षमा माँगती हुई,
-तारा सिंह
डॉ. तारा सिंह
डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 54 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|
इनकी रचनाएँ हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|
ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं|
इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 260 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|
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