Share this book with your friends

Dadi Ki Paati(Chitthi) / दादी की पाती (चिट्ठी)

Author Name: Ravi Gupta | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यह काव्य संग्रह दादी का अपनी पोती के प्रति अनन्य स्नेह,त्याग एवं ममता का अनुपम दर्पण है। 

दादी निस्वार्थ भाव से सांय काल में पोती को लाती। पोती उछलती,कूदती आती,गोद में बैठ  कर हनुमान चालीसा सुनते सुनते ताली बजाती। सब कुछ लट गया। दादी की ममता और दादा की पीड़ा की गहन शब्दों की अभिव्यक्ति हैं यह किताब। 

लेखक का प्रयास पोती को समर्पित
(रवि गुप्ता)

Read More...
Paperback

Ratings & Reviews

0 out of 5 (0 ratings) | Write a review
Write your review for this book

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

रवि गुप्ता

इस काव्य संग्रह के लेखक रवि गुप्ता बैंक सेवा से सेवा निवृत अधिकारी हैं। अतीत में समय असमय कॉलेज की वार्षिक पत्रिका एवं बैंक की सामयिक पत्रिका में यदा कदा लघु कहानी और कविता लिखते रहे हैं। एक दो बार राजनीतिक विषयों पर लेख भी प्रकाशित हो चुके हैं। साहित्यिक बाजार में प्रकाशनार्थ यह उनका प्रथम प्रयास है। वैसे तो यह काव्य संग्रह उनकी अपनी कल्पना की निजी उड़ान हैं परंतु इसमें उन्होंने एक छोटी बच्ची (पोती) के उसके पिता, दादा-दादी से बिछुड़ जाने पर उनकी पीड़ा को दर्शाने का प्रयास किया हैं। मृत व्यक्ति का सब्र हो जाता है जीवित संतान जुदा हो जाए कभी ना मिल पाने का दर्द उन्होंने अपने शब्दों में व्यक्त किया है। वे अपेक्षा करते हैं समाज में रहने वाले सभी नाना-नानी, दादा-दादी एवं समकक्ष उमर के पाठक इस काव्य संग्रह को अवश्य पढ़ें। शायद किसी की अपनी पीड़ा अपना दर्द अपनी कहानी इसमें छिपी हो।

Read More...

Achievements