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Sahaj Rajyog / सहज राजयोग योग-साधना-परिचय

Author Name: Nitish Verma | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

सहज राजयोग: डिजिटल युग की जकड़न से अनंत शांति की ओर
क्या आपकी सफलता की कीमत आपका शरीर और मन चुका रहा है?

आज के दौर में, जहाँ हम 'कुर्सी' और 'स्क्रीन' के बीच कैद हैं, केवल शारीरिक व्यायाम पर्याप्त नहीं है। जिम और अन्य व्यायाम पद्धतियाँ जहाँ शरीर में 'रजोगुण' और चंचलता बढ़ाती हैं, वहीं योग एकमात्र ऐसा विज्ञान है जो शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और आत्मा को तृप्त करता है।

'सहज राजयोग : योग-साधना-परिचय' आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों और प्राचीन भारतीय दर्शन का एक अद्भुत संगम है।

यह पुस्तक क्यों पढ़ें? एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल के निजी अनुभवों से निकली यह पुस्तक आपको सिखाती है कि:

सर्वांगीण स्वास्थ्य: कैसे लेखक ने 'फैटी लिवर' और 'मधुमेह' जैसी जीवनशैली-जनित बीमारियों को बिना भारी दवाओं के हराया।
चित्त की शांति: महर्षि पतंजलि के सूत्र "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः" के अनुसार, मन में उठने वाले विचारों के भंवर को कैसे रोकें।
व्यावहारिक प्रयोग: ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे (Desk Yoga) शरीर को लचीला रखने और 'डिजिटल थकान' मिटाने के अचूक उपाय।
आत्मा से परमात्मा: योग का वास्तविक अर्थ 'जोड़ना' है। जानें कि कैसे अपनी आत्मा को परमात्मा की शक्ति से जोड़कर आप असीम ऊर्जा पा सकते हैं।
यह किसके लिए है? यह पुस्तक स्त्री-पुरुष, बालक, युवा एवं वृद्ध—सभी के लिए सुगम और उपादेय है। चाहे आप एक व्यस्त प्रोफेशनल हों, एक विद्यार्थी हों या शांति की तलाश में जुटे साधक, 'सहज राजयोग' आपकी यात्रा का पहला पड़ाव है।

अपनी श्वासों को साधें, मन को जीतें और एक 'राजयोगी' बनें।

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नीतीश वर्मा

ब्लॉगर | डिजिटल मार्केटर | लेखक | डिजिटल कंटेंट क्रिएटर | योगाभ्यासी 

नीतीश वर्मा एक अनुभवी आईटी प्रोफेशनल और डिजिटल वेलनेस के पैरोकार हैं। एक दशक से अधिक समय तक कॉर्पोरेट जगत की समय-सीमाओं (Deadlines) और उच्च-तनाव वाले वातावरण में कार्य करने के दौरान, उन्होंने आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है।

जब 'सेडेंटरी लाइफस्टाइल' (बैठने वाली जीवनशैली) के कारण वे स्वयं 'फैटी लिवर' जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहे थे, तब उन्होंने एलोपैथिक उपचार के बजाय भारतीय योग विज्ञान का रुख किया। अपने मेंटर और गुरु, योगाचार्य 'संजय मुनि' के मार्गदर्शन में, उन्होंने प्राचीन योग को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया।

नीतीश ने न केवल स्वयं को रोगमुक्त किया, बल्कि 'सहज राजयोग' के सिद्धांतों का प्रयोग कर अपने माता-पिता को भी मधुमेह (Diabetes) प्रबंधन में सफलता दिलाई। आज, वे अपने लेखन और ब्लॉग्स के माध्यम से हजारों 'डिजिटल प्रोफेशनल्स' को यह सिखा रहे हैं कि कैसे टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाते हुए एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जिया जा सकता है।

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