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Shayad / शायद

Author Name: Anush Yadav | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

शायद

हारते वक्त हमने देखा था, ज़िंदगी सामने खड़ी मुस्कुरा रही थी। हम चाहते तो उसे आवाज दे सकते थे, पर हमने हार को चुना। हमें अपना जमीन पर औंधे मुँह पड़े रहना बेहतर लगा। जहाँ से पुरा आसमान साफ दिखता था, रातों को तारें चमकते थे, चाँद मुस्कुराता था और हम एक दुसरे की हथेलियों पर परछाई बनाते थे। जिसकी शक्ल हुबहु जिंदगी से मिलती थी। 

ये कविताएं हैं, शायद कविता ही है जहाँ मैं पुरा जिया हूँ, पुरा का पुरा बिना किसी बहाने के। 

यहाँ मैं हूँ, स

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Paperback 150

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अनुश यादव

अनुश यादव, आसाम के तिनसुकिया प्रान्त के रहने वाले बहुत ही अंतर्मुखी और अपनी ही दुनिया में रहने वाले सरल व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं। लिखना इनकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत हिस्सा रहा है। इनका लेखन अलबर्ट कामू, नित्से, बुकोवोस्की, मानव कौल से प्रेरित है और इसका असर इनके व्यक्तित्व पर भी साफ देखा जा सकता है। इनकी कविताएं जिंदगी की छत हैं, जिंदगी का वो हिस्सा जहाँ व्यक्ति अपने सारे क

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