चुलबुलापन यानी बच्चों की पल-पल की जाने वाली रोचक गतिविधियां होती हैं। यह गतिविधियां हमें मन ही मन भाती, सुहाती, आनंद देती और रिझाती हैं। इसे देखने और सुनने को मन ललचाता है। यदि इस गतिविधियों के साथ बच्चा बातूनी हो तो उसमें रोचकता का पुट ओर ज्यादा बढ़ जाता है।
अक्सर बातें दोहराने वाले बच्चों में चुलबुलापन ज्यादा होता है। वह बड़ों की बातें दोहराने के साथ-साथ अपने भाव का उसमें सम्मिश्रण कर देते हैं। इससे सुनने वाले का आनंद ओर बढ़ जाता है। मुझे याद आता है।