Indie Author Championship #6

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Aatm Gunjan / आत्‍म गुंजन

Author Name: उमाश्री | Format: Paperback | Genre : BODY, MIND & SPIRIT | Other Details

  

प्रेम, ध्‍यान, आनंद और अध्‍यात्‍म – चार शब्‍दों में सिमटा है सार इन सारी रचनाओं का। 

कविताएँ जिनका सृजन नहीं किया गया, अपितु जो स्‍वत: उत्‍पन्‍न हुईं, जैसे कभी कोई विचार कौंध जाता है मन में यूँ ही...

रस, छंद, अंलकारों से परे, मन के भावों की अभिव्‍यक्ति है- विशुद्ध और सरल।

कभी जब पोर-पोर प्रेम और आनंद से भर उठे, या मन संवाद करे ईश्‍वर से, या कि गहरे ध्‍यान में अंतर न रहे स्‍वयं में और शून्‍य में, उन भावनाओं को पिरोया गया है शब्‍दों में।

ये है आत्‍म-गुंजन उन सभी अनुभूतियों का। 

                                                                                                योगिता

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उमाश्री

स्‍व. श्रीमती उमा शर्मा का जन्‍म  6 दिसम्‍बर 1953 को ग्राम जतारा जिला टीकमगढ़ (म.प्र.) में हुआ था। उनके पिता श्री माधव प्रसाद शर्मा विद्वान तथा विचारक थे, जिनके सानिध्‍य में रहकर 10-12 वर्ष की उम्र में ही उमा जी की रुचि योग व ध्‍यान की ओर होने लगी। प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात्  सन 1979-80 में जीवाजी विश्वविद्यालय ग्‍वालियर से उन्‍होंने दर्शन शास्‍त्र से एम.ए. की डिग्री प्राप्‍त की। 1980 में डॉ. एल. सी. चौरसिया से विवाह के पश्चात् गृहस्‍थ जीवन की ओर उनका रुझान हुआ। उमा जी बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी थी। अध्‍यात्‍म की ओर उनकी विशेष रुचि रही है। मानवोद्धार की ओर उनका योगदान सराहनीय है। वे लायनेस क्‍लब, परिवार परामर्श केन्‍द्र एवं मानव अधिकार रक्षा एवं संवर्धन समिति जैसी कई समाज सेवी संस्‍थाओं के माध्‍यम से जन-सेवा में संलग्‍न रहीं। 5 जून 2020 को मुम्‍बई में उनका निधन हो गया। परन्‍तु अपनी अप्रतिम रचनाओं में और हमारे स्‍मृति पटल में वे सदैव शाश्‍वत हैं।

आत्‍म गुंजन एक श्रृद्धांजली है उनके अविस्‍मरणीय असाधारण जीवन को।

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