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chinese extantionalism / चीन का विस्तारवाद chin ka vistarvad

Author Name: Virendra Kumar Dewangan | Format: Paperback | Genre : Others | Other Details

         प्रस्तुत किताब ''चीन का विस्तारवाद'' चीन के उस खतरनाक खेल को रेखांकित करता है, जिसकी नीति न केवल पडोसी देशों की जमीन को हड़पना रहा है, बल्कि आर्थिक व सैन्य शक्ति से कमजोर मुल्कों पर आधिपत्य कायम करना रहा है।

         वह भारत के साथ भी ऐसा शातिर खेल खेल चुका है और 1962 में भारतीय हुक्मरानों की कमजोरी और गलती की वजह से अक्साई चिन को हड़प चुका है।

         इन्हीं तथ्यों की पड़ताल इस किताब में की गई है, जो पठनीय और संग्रहणीय है।

 

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वीरेन्द्र देवांगन

       लेखक वीरेंद्र कुमार देवांगन शासकीय सेवा से रिटायर्ड हैं। लेखन में रुचि के कारण उन्होंने सैकड़ों लघुकथा, बाल कहानियां, बाल उपन्यास, कहानी, व्यंग्य, उपन्यास, निबंध, प्रबंध, लेखादि की रचना की है।

        विभिन्न पत्रपत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती रहती है।

         amazon.com/virendra dewangan में जाकर उनकी ई-रचनाओं का अध्ययन किया जा सकता है। notion press से भी उनकी अनेक रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं।

        वीरेंद्र कुमार देवांगन गूगल मे ब्लॉग भी लिखते हैं, जिनका वेबसाइट है:-virendradewanganblogspot.com

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