Join India's Largest Community of Writers & Readers

Share this product with friends

Ghazal Teri Yaad / ग़ज़ल तेरी याद

Author Name: Vanshaj Arora | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यादो के पीच-ओ-खम में जुदा है हुन्न मेरा केसी से
 कहे को घर द्वार रा हुण माई किसि से "

 “आज फिर मेफिल साजा ली याडो न की
 फ़िर क़ाफ़ास हम न बाना ली यादो के

 hijr-o-gham ke sab ghubaar uTth baiThe dil meiN
 जा कालम हम न उथै ली यादो न ”

 "मोहब्बत की बेटियां 'के बाद यह' ग़ज़ल एंड पोएट्री फॉर द यंग एट हार्ट 'श्रृंखला की मेरी दूसरी पुस्तक है। इस खंड में शामिल मेरी पसंद के 11 हैं PUNJABI ग़ज़ल / गीत। लिखे और लिखे गए गीतों को गहरे जुनून और भावनाओं के साथ लिखा।  'जीवन' नामक सड़क पर चमचमाती भावनाओं का मिश्रण हैं। सरल शब्द सीधे दिल से हैं।

Read More...
Paperback
Paperback + Read Instantly 110

Inclusive of all taxes

Delivery

Enter pincode for exact delivery dates

Beta

Read InstantlyDon't wait for your order to ship. Buy the print book and start reading the online version instantly.

Also Available On

वंशज अरोडा

मेरा नाम VANSHAJ ARORA है
 मैं एक लेखक हूं, मेरा जन्म 28 नवंबर 2003 में हुआ था
 मैं डीग (भरतपुर) राज. में रहता हूँ ।।
 मेरे पिता का नाम श्री अरुण कुमार है
 मेरी माँ का नाम श्रीमती सारिका अरोड़ा है
 और मेरी किताब गज़लों और प्यार के एहसास को बताती है

Read More...