10 Years of Celebrating Indie Authors

Share this book with your friends

PREMGART / प्रेमगर्त

Author Name: Arpit Maurya 'advait' | Format: Paperback | Genre : Young Adult Fiction | Other Details

अर्पित मौर्य 'अद्वैत' द्वारा लिखी गई यह उनकी बारहवीं किताब है। इस रचना में अद्वैत सामाजिक व्यवस्थाओं पर शिकंजा कसते हुए नज़र आते हैं। पर इसके साथ ही अपनी कल्पना और लेखन शैली का भरपूर प्रयोग करते हुए, अद्वैत ने उपन्यास में जो रहस्य भरा है वो अपने आप में काबिल-ए-तारीफ है। एक ओर रहस्य से भरी घटनाएं हैं तो वहीं दूसरी ओर लालच में फंसे व्यक्ति की मनोदशा। पात्रों के माध्यम से अद्वैत ने जो दुनिया रची है उसमें एक बार डूबने के बाद निकल पाना लगभग असंभव है। कहानी हर कदम पर नया मोड़ लेती है और पाठक को बाँधे रहती है। इस रचना के माध्यम से अद्वैत ने साहित्य को सींचने की भरपूर कोशिश की है।  

Read More...
Paperback
Paperback 285

Inclusive of all taxes

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

अर्पित मौर्य 'अद्वैत'

अर्पित मौर्य 'अद्वैत' भारतीय लेखक एवं कवि हैं। अर्पित का जन्म जौनपुर के निकट अर्गूपुर कला नामक गाँव में हुआ। अर्पित की प्राथमिक शिक्षा यहीं से हुई उसके पश्चात की शिक्षा इन्होंने दिल्ली से ग्रहण की और वर्तमान समय में अर्पित दिल्ली से ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनकी माता का नाम रेनू देवी है तथा पिता लालचंद मौर्य हैं। अर्पित को पढ़ने का शौक बचपन से ही लग गया था। उनके दादा, राम प्रीति मौर्य ने इस रुचि को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अर्पित की शिक्षा-दीक्षा पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया। 12 वर्ष की आयु में अर्पित ने उपन्यास एवं कविताओं को लिखना प्रारंभ कर दिया था। 

अद्वैत हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू तीनों भाषाओं में रचना करने में सक्षम हैं। अर्पित साहित्य की सभी विधाओं में रचना करने के प्रयास में हैं और उन्हें उनमें से कुछ में सफलता भी मिली है। उनके द्वारा लिखे गए उपन्यास, लिक्विड मैसेंजर ऑफ डेथ, अचिविंग हाइट्स, एन इंक्रेडिबल मैन और द डिवाइन लव हैं जो अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुए और उनके द्वारा लिखे गए काव्य-संग्रह, कुछ कल्पनाएं, मृगतृष्णा, मुंतशिर पर मुख़्तलिफ़ एवं बस कुछ घड़ी और हैं। एक उपन्यासकार के तौर पर अद्वैत का हमेशा यही प्रयास रहा है कि उनका उपन्यास सिर्फ मनोरंजन के लिए ही महत्व न रखकर पाठक के जीवन पर भी कुछ सकारात्मक प्रभाव डाल सके। और यही कारण है कि एक प्रगतिशील लेखक होने के लिए जो गुण होने चाहिए अद्वैत उन पर पूर्णतः खरे उतरते हैं। 

Read More...

Achievements