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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palनग़मा परवीन
नाम हमारा नग़मा परवीन है यह लिखना और
लिखाना हमारा काम है,वैसे तो हमनें बहुत सी
शायरी ग़ज़लें और नज़्में लिखीं हैं लेकिन आज हमें
बहुत ख़ुशी हो रही है आपको बताते हुए कि, हमारी
ज़िन्दगी की पहली क़िताब आज छपने जा रही है जिस को
लेकर हम बहुत ख़ुश हैं और हम आपको यह भी
अपनी तरफ़ से, यह भी बता देना चाहते हैं कि,
आप सभी को यह क़िताब बेहद पसंद आएगी और
आप लोग अपने क़ीमती वक़्त में से थोड़ा सा
वक़्त हमारी इस क़िताब को देंगे !!
इस क़िताब में आपको मोहब्बत, ज़िन्दगी,
ख़्वाब, ख़्वाहिशें, और भी बहुत पढने को मिलेगा
जो आप लोगअपने आप से जोड़ पायेंगें और
उसे महसूस कर पायेंगें !!
उम्मीद करते हैं कि, आपको यह क़िताब
बहुत पसंद आई, और शुक्रिया आपका
जो आपने हमारी इस क़िताब को अपना
क़ीमती वक़्त दिया शुक्रिया !!
मोहम्मद ज़ीशान, NAGMA PARVEEN
नमस्कार, आदाब और इक बार फ़िर आप सभी को मेरा सलाम मैं मुहम्मद ज़ीशान आज और अभी आप सभी को बता देना चाहता हूँ कि जैसा कि ये मेरी क़िताब मेरे द्वारा लिखी गयी है जिस तरह एक माँ को उसका बच्चा प्यारा होता है ठीक उसी तरह मैंने भी इसको प्यार दिया है और इसको बड़ी मेहनत से और बड़े ही प्यार से लिखा है मुझे उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा पूरा भरोसा है कि जिस तरह मैनें अपनी इस क़िताब को प्यार दिया है ठीक उसी तरह आप लोग भी इसे मुझ से भी ज़्यादा प्यार देंगें इस क़िताब को पढ़ कर,
ज़रा सी फ़ैली स्याही ज़रा से बिख़रे ग़म भी हैं,,
ये सिर्फ़ ग़ज़ल नज़्म या शायरी नहीं इसमें छिपे हम भी हैं!!
आप में और हम में थोड़ी दूरी है,,
छोड़ना नहीं इस क़िताब का इक भी
पन्ना बिना पढ़े क्यों कि इसे पढ़ना ज़रूरी है!!
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