Hindi

SAYA
By Rishi RajpuT in Horror | Reads: 168 | Likes: 1
                            Written By                     &  Read More...
Published on Aug 13,2020 12:38 AM
जनहित में ‌‌ राष्ट्रवाद
By ram kumar in Poetry | Reads: 235 | Likes: 1
 चेहरे पे पड़ी झुर्रियां आंखों में भरी निराशा है है क्रान्ति का प्रतिक   संग्राम घोष की आश है ! खड्ग लिय प्रकाश अय  Read More...
Published on Aug 13,2020 10:37 PM
माँ भारती जय भारती .- कविता
By DR. RAJESHWAR UNIYAL in Poetry | Reads: 134 | Likes: 1
माँ भारती जय भारती .. बंधुओ, मैं अपने माँ भारती जय भारती.. नामक एक गीत रुपी पुष्प, जिसे उत्तराखंड मूल के मुंबईवासी लोक  Read More...
Published on Aug 14,2020 11:37 PM
एक आह्वान
By PANWAR VISHAL in Poetry | Reads: 86 | Likes: 0
एक आह्वान मैं कोई शोक गीत, गज़ल , मोहब्बत नहीं लिखता हूं आज हिंदुस्तान के नाम एक आह्वान लिखता हूं । हो गई है धुंधली जि  Read More...
Published on Aug 15,2020 01:37 AM
इंसाफ
By ramashery in Mystery | Reads: 115 | Likes: 0
एक बार एक किसान किसी काम से शहर जा रहा था शहर का रास्ता एक जंगल से होकर गुजरता था  जैसे ही किसान जंगल में पहुंचा उसन  Read More...
Published on Aug 15,2020 11:11 PM
दोस्तों का हमसफ़र
By adarsh pandey in True Story | Reads: 158 | Likes: 1
सभी इंसान हैं मगर  फ़र्क सिर्फ़ इतना है.. कुछ ज़ख्म देते हैं और  कुछ ज़ख्म भरते हैं  हमसफ़र सभी है मगर  फ़र्क सि  Read More...
Published on Aug 17,2020 11:07 AM
कहानी हर एक घर की
By adarsh pandey in True Story | Reads: 210 | Likes: 1
                              कहानी हर एक घर की                                  लेखक-आदर्श प  Read More...
Published on Aug 17,2020 11:28 AM
कल से आज
By adarsh pandey in Poetry | Reads: 222 | Likes: 1
  कल आज से बेहतर होगातू जरा कोशिस तो कर।असफलता को सफलता में,बदलने की कोशिश तो कर ।।  कष्ट के दिन बीतेंगे,  तू ज़रा   Read More...
Published on Aug 18,2020 09:54 AM
कविता-दौलत की ख्वाहिशें
By adarsh pandey in Poetry | Reads: 87 | Likes: 1
कुछ की दौलतें इश्क़ के नाम हो जाती हैं। कुछ की दौलतें बदनाम हो जाती हैं।। कुछ की ख्वाहिशें बदनाम हो जाती हैं। कुछ की   Read More...
Published on Aug 18,2020 10:02 AM
कविता-तारीख़
By adarsh pandey in Poetry | Reads: 186 | Likes: 1
तुम वो तारीख़ हो जो कभी बदलती नहीं, मैं वो लहर हूं,जो कहीं पर ठहरती नहीं, एक डर है तुम्हें पाकर फिर खो न दूं, तुम बनके   Read More...
Published on Aug 18,2020 11:13 AM
उदघोषणा
By Mridula Singh in Poetry | Reads: 308 | Likes: 0
शीर्षक : उदघोषणा आज मैंने सुनी अपनी आत्मा की बात, हृदय की पुकार को किया आत्मसात। रोम रोम से आयी एक उदघोषणा, तू स्वतंत  Read More...
Published on Aug 18,2020 12:45 PM
My country My Pride
By Yachika Prajapati in Poetry | Reads: 99 | Likes: 0
मैने इस देश की मिट्टी से बहुत प्यार किया हैं...  माँ की तरह किया आदर और सम्मान दिया हैं...  जो बहा हैं लहू देश की रक्ष  Read More...
Published on Aug 18,2020 02:03 PM
Tum Tutna Na Kbhi..
By Yachika Prajapati in Poetry | Reads: 93 | Likes: 1
Mushkil Hazar ho tum tutna na kbhi... Jamane s ruth jana khud s ruthna na kbhi... Khud ki khushi k liye kisi ki zindagi ko lutna na kbhi... Gir jaana hazar baar pr dubare uth khade hone s darna na kbhi... Pyar dena sbko zindagi m apni pr pyar ke liye kisi ka ghar todna na kbhi... Har baar har kar bh  Read More...
Published on Aug 18,2020 02:13 PM
Kuch lafz
By Yachika Prajapati in Romance | Reads: 95 | Likes: 0
कुछ लफ़्ज़ जो तुझसे कहने थे ... वो दिल ही भीतर रहने थे..  तुम्हे  मिलना भी तो जरूरी था...  एक दिन जो हम्को बिछडना  था..   Read More...
Published on Aug 19,2020 12:54 PM
Sath raho khushi ya gum
By jyotsana yadav in Poetry | Reads: 86 | Likes: 1
Jindagi kya se kya Ho gayi  Kabhi log chimni jalaker kaam kerte the  Phir bhi sab sath the aur light ki chamak Kai guna aur jyada hai  Ab light ki chamak kai guna jyada hai  Phir bhi koi kisike sath nahi hai  Sath raho Sab light jyada Ho ya kam  Sath raho khushi Ho ya g  Read More...
Published on Aug 19,2020 06:30 PM