Children's Literature

अंडा भात- मध्याहन भोजन
By DEEPAK SINGH in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 821 | लाइक: 3
माँ हम नहीं जाएंगे स्कूल। मेरा मन नहीं है - यह कहते हुए मंगला ने माँ से स्कूल नहीं जाने के लिए गुहार की। मंगला की माँ   आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 11,2022 05:10 PM
'चंद सवाल'
By OMPRAKASH GONDULE in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 586 | लाइक: 3
एक राजा था I उसके चार दोस्त थे I एक व्यापारी,एक सैनिक,एक ज्ञानी (विद्वान) और एक किसान था I एक सुबह वे सभी शिकार के लिये एक  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 11,2022 05:32 PM
"जर्सी कोर्ट"
By anandchouksey0123 in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 487 | लाइक: 2
                    लघुकथा-"जर्सी कोर्ट"  मैं लगभग 12-13 साल का था ठंड का समय चल रहा था महीना नवंबर-दिसंबर का था   आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 12,2022 09:51 PM
परपीड़ा
By viyoginithakur in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 887 | लाइक: 4
वे कोई बैशाख का या जेठ के दिन रहे होंगे । ठीक वैसे दिन जब दोपहरियों में धूल उड़ाती गर्म हवाएंँ चला करती हैं। कुल्फी ब  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 14,2022 12:38 PM
जादुई सिक्के
By Ruhee mishra in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 691 | लाइक: 1
एक बार की बात है एक राजा रानी थे उनके ४ बच्चे थे।दो लड़की दो लड़के लड़की का नाम लैला सेरा था और लड़के का नाम वीर और कु  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 14,2022 04:58 PM
मन्नत
By anju tanwar in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 583 | लाइक: 5
एई ई ई...गंगा जल्दी उठ.....तनिक जल्दी उठ..... गंगा नींदों में बडबडा रही थी "का हुआ बाउजी सोने दो.अभी अभी तो सोए है.. माई आकर उठ  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 14,2022 01:49 PM
अनोखापुर की अनोखी कहानी ।
By Charanhardikarhaofficial in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 993 | लाइक: 2
एक गांव था बहुत ही अनोखा जहा अनोखी अनोखी चीजे होती रहती थी । उस गांव का नाम था अनोखापुर यह गांव रेगिस्तान के किनारे   आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 16,2022 06:07 PM
वह ज़ोर की बरसात
By ankitsingh2472 in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 429 | लाइक: 1
भादवे की बरसात थी। सावन की फुहारें चिढ़ाकर थक गई थीं, तो भादो जीवन बरसाने लगा था। छोटे शहरों में वर्षा और बिजली का र  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 17,2022 07:46 AM
मालिन की बेटी
By alkasmile2204 in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 2,881 | लाइक: 28
शोमू की शैतानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थीं। आजकल बेचारी कस्तूरी पर शोमू की शरारतों का कहर तूफ़ान बनकर टूट   आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 20,2022 07:46 PM
अप्पू का लालकिला
By Rahul Sharma in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 351 | लाइक: 0
*अप्पू का लालक़िला* अप्पू एक एकांत प्रिय बालक है इसे अकेले रहना पसंद है इसके दोस्त भी काफी कम है और जो है उनसे भी बहुत  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 26,2022 11:55 AM
खामोशी
By Bhavik Dave in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 1,905 | लाइक: 11
                     खामोशी (गुड्डू–कहा रह गया था दीपू...आज फिर लेट हो गया.... दीपू –क्या करू यार मां की तबि  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 23,2022 04:41 PM
नया सबक
By neelu3086 in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 894 | लाइक: 8
किसी गांव में नितिन नाम का लड़का रहता था। वह बहुत शैतानी करता था। उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। पिता धोबी थे औ  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 26,2022 10:04 PM
कौवा प्यासा ही रह गया
By Yash Majeji in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 1,745 | लाइक: 91
कौवा प्यासा ही रह गया - यश मजेजी किसी पेड़ पर रहने वाले कौवों के एक झुंड में बड़ी परेशानी थी। बूढ़े कौवों के माथे पर चिंत  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 27,2022 01:30 PM
दयालु बालक
By kalawatkl in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 508 | लाइक: 2
एक तीन वर्ष का बालक था। जिसका नाम था दया। उसकी माता कोयल बड़ी दयालु थी। कोयल परिवार का बहुत अच्छे से खयाल रखती थी। पु  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 28,2022 12:24 PM
रोशनी
By Anshika Tripathi in Children's Literature | वाचलं गेलेलं: 564 | लाइक: 2
हमेशा की तरह आज भी मै अपनी बहन जो क्लास 5 की छात्रा थी उसे लंच बॉक्स देने गयी। मैंने आज फिर उस लड़की को देखा जो क्लास मे  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 29,2022 11:24 PM
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