Join India's Largest Community of Writers & Readers

Share this product with friends

Asambhav Sambhav / असंभव संभव Team Bhavna ki Sachhi Kahani / टीम भावना की सच्ची कहानी

Author Name: Rajiv Ranjan | Format: Paperback | Genre : Business, Investing & Management | Other Details
Amazon Sales Rank: Ranked #3 in Human Resources

अपनी स्थापना के लगभग 40 वर्ष के बाद क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी बीमार घोषित होने के कगार पर थी। इससे न केवल इसमें कार्य करने वाले कर्मी चिंतित थे, बल्कि कंपनी पर आश्रित कई लघु उद्योग के सामने अस्तित्व का संकट था। इलाके के उद्योगपति, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण तथा अन्य हितधारकों में यह चर्चा का विषय था। लोगों का मानना था कि अब कोई चमत्कार इस संकट से उबार सकता है। और तब...... 

असंभव संभव। मानव पूंजी में विश्वास पैदा कर सफल होने की यात्रा।एक कंपनी के शुरू से आखिरी कड़ी तक के कर्मियों को परिवार में परिवर्तित होने की सच्ची कहानी। उनका ख्याल रखकर, उनकी बातों को सुनकर, उनके गुणों को बताकर, उनमें विश्वास पैदा कर, असंभव लक्ष्य को संभव करने की मिसाल।

मानव पूंजी प्रबंधन का यह एक उदाहरण है। यह एक टीम, एक परिवार की दास्तान है, जिसने कठिन परिस्थिति में धैर्य नहीं खोया और सफलता हासिल कर साबित कर दिया, असंभव संभव है......

Read More...
Paperback

Also Available On

Paperback 350

Inclusive of all taxes

Delivery by: 28th Jan - 1st Feb

Also Available On

राजीव रंजन

श्री राजीव रंजन मिश्र (राजीव रंजन), कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहयोगी कंपनी, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डबल्यूसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक रहे हैं। इस पद से उनकी सेवानिवृति 31 दिसम्बर, 2020 को हुई। लगभग 38 वर्षों से अधिक का अनुभव समेटे श्री मिश्र को कोयला उद्योग में एक शख्सियत के रूप में जाना जाता है। 

डबल्यूसीएल के सीएमडी के रूप में अपने 6 वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने एक बीमार कंपनी को शिखर पर ले जाने का अद्भुत कार्य किया। आज डबल्यूसीएल को देश में सभी कोयला कंपनी में एक नयी सोच, एक नयी पहल करने वाली कंपनी माना जाता है। वह अपनी सकारात्मक सोच, लीक से हटकर पहल, मानव पूंजी के लिए किए जाने वाले कार्य और कोयला क्षेत्र में नयी परिकल्पना के लिए जाने जाते हैं। इनमें इको-माइन टूरिस्म, खदान के जल से कोल नीर, खदान के ओवरबर्डेन से रेत प्रमुख हैं। माननीय प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उनकी पहल की सराहना की।  

मानव संसाधन के विशेषज्ञ और एक कुशल रणनीतिकार, श्री मिश्र ने अपने कार्यकाल के दौरान कोयला उद्योग के कर्मियों को मानव पूंजी की तरह सहेज कर रखा, उनके साथ-साथ चल कर उद्योग में रिश्तों की एक नयी परिभाषा लिखी। उन्होंने डबल्यूसीएल में मानव पूंजी प्रबंधन की सकारात्मक विचारधारा को लागू कर डबल्यूसीएल को पहले ‘टीम डबल्यूसीएल’ और फिर ‘डबल्यूसीएल परिवार’ में परिवर्तित कर दिया।

श्री मिश्र को एशिया पैसिफिक एचआरएम कांग्रेस के ‘मोस्ट पावरफुल एचआर प्रोफेशनल ऑफ इंडिया’ अवॉर्ड और ‘एलेट्स पीएसयू समिट लीडरशिप अवॉर्ड’से सम्मानित किया गया। उनके नाम कई और अवार्ड हैं। श्री मिश्र एक अच्छे वक्ता और एक अच्छे लेखक भी हैं।

Read More...