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Gramin Vikas ka Chitrakoot Model / ग्रामीण विकास का चित्रकूट मॉडल Nanaji Deshmukh Pranit /नानाजी देशमुख प्रणीत

Author Name: Dr. Mahendra Kumar Namdev | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

“चित्रकूट में दीनदयाल शोध सस्थान ग्राम्य विकास के एक अनूठे मॉडल को विकसित और क्रियान्वित कर रहा है। यह मॉडल देश के लिए सर्वथा उपयुक्त है। संस्थान को यह अहसास है कि राजनैतिक शक्ति की बजाय जनता की शक्ति ज्यादा क्षमतावान, दीर्घावधि तक कारगर और प्रोत्साहित करने वाली है। युवा पीढ़ी में आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता की भावना भरकर ही सामाजिक उत्थान और प्रगति संभव है दोस्तों आपको वहां के ग्रामों में कई नायक और उनके चेहरों पर मुस्कराहट देखने को मिलेगी। क्या यह स्थान सिनेमा के पटकथा, लेखकों, गीतकारों और निर्देशकों के लिए आकर्षक नही है। वहां जाने पर आपको कई नायक, कई नायिकायें, ढेर सारी खुशियां और मामूली सी त्रासदियां दिखेंगी”(नई दिल्ली विज्ञान भवन में 21 अक्टूबर, 2005 को 52वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ 0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम के भाषण से उद्घृत)

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डॉ. महेन्द्र कुमार नामदेव

जुलाई, 1998 से दिसम्बर, 2013 तक भारत रत्न नाना जी देशमुख के मार्गदर्शन में दीनदयाल शोध संस्थान के चित्रकूट प्रकल्प अन्तर्गत ग्राम्य विकास का प्रत्यक्ष कार्य। 6 वर्षो तक एक जनजातीय ग्राम में सपत्नीक निवास जहां 27 मार्च, 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मा0 अटल बिहारी बाजपेयी तथा 06 अक्टूबर, 2005 को महामहिम राष्ट्रपति महोदय डॉ 0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम का ग्राम्य विकास कार्यो के अवलोकन हेतु प्रवास हुआ। विभिन्न पत्र/पत्रिकाओं में ग्रामीण एवं सामाजिक विकास के मुद्दों पर 50 से अधिक आलेख प्रकाशित। वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत जिला मिशन प्रबन्धक के रूप में कार्यरत।

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