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Manak vipanan pranali 3F-FUEL-FIRE-FUEL / मानक विपणन प्रणाली (3F-FUEL-FIRE-FUEL)

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

विषय- सूची

भाग-1 : आर्थिक स्वतन्त्रता की यात्रा

गुलाम का अर्थ व दास प्रथा (पाश्चात्य)
गुलाम प्रथा-दुनिया की हाट में बिकते हैं इंसान
वैश्विक बौद्धिक विकास के साथ बदला गुलामी का स्वरूप
पारिश्रमिक का इतिहास और वेतन (सैलरी) का अर्थ
मजदूरी, वेतन, भत्ते और मानदेय, प्रोत्साहन, सौदागर, अभिकर्ता, विशेषाधिकार, दलाली का अर्थ
रायल्टी-अर्थ और प्रकार, ईश्वर और पुनर्जन्म
क्या आपको वस्तु खरीदने पर कम्पनी रायल्टी देती है जबकि कम्पनी आपके कारण हैं?

भाग-2 : बाजार (Market)

बाजार
पारम्परिक बाजार - अर्थ एवं प्रकार
आभासी बाजार - अर्थ एवं प्रकार

भाग-3 : विपणन प्रणाली (Marketing System)

विपणन प्रणाली (Marketing System)
पारम्परिक विपणन प्रणाली (Traditional Marketing System)
प्रत्यक्ष विपणन प्रणाली (Direct Marketing System)
मल्टी लेवेल मार्केटिंग (MLM) - एक परिचय, संचालक कौन? और आधार
नेटवर्कर-एक तेज आर्थिक गति का कार्यकर्ता परन्तु असम्मानित

भाग-4 : मानक विपणन प्रणाली

3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel) विपणन प्रणाली

 

भाग-5 : पुनर्निर्माण

पुनर्निर्माण-3-एफ विपणन प्रणाली से युक्त
पुनर्निर्माण-मल्टी लेवेल मार्केटिंग (MLM) नहीं हैं
हमारा व्यवसाय - डब्ल्यू.एस. (WS)-000 : ब्रह्माण्ड (सूक्ष्म एवं स्थूल) के प्रबन्ध और क्रियाकलाप का विश्वमानकके अनुसार
विश्व का मूल मन्त्र-“जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान-जय ज्ञान-जय कर्मज्ञान“
सफलता का पैमाना
सफलता का नाम विशेषज्ञता (Specialist) नहीं, बल्कि ज्ञता (Generalized) है। 
पुनर्निर्माण (RENEW)-समस्या, समाधान और राष्ट्र निर्माण की योजना

भाग-6 : 2020 - मन का नवीनीकरण

नये समाज के निर्माण का आधार
सन् 2020 ई0
इस वर्ष की मुख्य विशेषता


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Paperback

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Paperback 275

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लव कुश सिंह “विश्वमानव”

कल्कि महाअवतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” द्वारा प्रकटीकृत ज्ञान-कर्मज्ञान न तो किसी के मार्गदर्शन से है और न ही शैक्षिक विषय के रूप में उनका विषय रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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