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MUNTASHIR PAR MUKHTALIF / मुंतशिर पर मुख़्तलिफ़

Author Name: Arpit Maurya | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

मुंतशिर पर मुख्तलिफ़, गज़ल, नज़्म और कुछ शेरों का एक संग्रह है जिसे अर्पित मौर्य ने लिखा है। इस किताब में अर्पित ने अपने मन की भावनाओं को उतारने का प्रयास किया है। नए शायरों के लिए यह किताब काफी लाभदायी साबित हो सकती है क्योंकि उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और तमाम उन लोगों को इस किताब को पढ़ने में अत्यधिक आनंद आएगा जिन्हें कविताएं पढ़ना पसंद है। जैसा की किताब का शीर्षक है मुंतशिर पर मुख्तलिफ़, अर्पित ने कुछ वैसी ही रचनाएं लिखने का प्रयास किया है। मुंतशिर यानि बिखरा हुआ और मुख्तलिफ़ अर्थात सबसे अलग तो ये रचनाएं भी शायर की तरह टूटी हुई हैं पर सबसे अलग है। 

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अर्पित मौर्य

अर्पित मौर्य एक लेखक एवं कवि हैं। अर्पित का जन्म जौनपुर के निकट अर्गूपुर कला नामक गाँव में हुआ। इनकी माता का नाम रेनू देवी तथा पिता लालचंद मौर्य हैं। अर्पित को पढ़ने का शौक बचपन से ही लग गया था। उनके दादा, राम प्रीति मौर्य ने इस रुचि को विकसित करने में महत्वपूर्ण   योगदान दिया। 12 वर्ष की आयु में ही अर्पित ने उपन्यास एवं कविताओं को लिखना प्रारंभ कर दिया। और उनकी इसी रुचि ने उनको साहित्य के क्षेत्र में प्रवेश कराया। अर्पित अंग्रेजी एवं हिन्दी दोनों ही भाषाओं में सक्रिय रूप से रचनाएं कर रहे  हैं। अभी तक अर्पित द्वारा तीन उपन्यास लिखे जा चुके हैं जो अंग्रेजी भाषा मे प्रकाशित हुए एवं दो काव्य-संग्रहों की रचना भी अर्पित द्वारा की गई है। अर्पित के द्वारा रचित काव्यों में उनका प्रकृति के प्रति असीम प्रेम प्रकट होता है। 

   

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