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Nehru ki vaicharik virasat / नेहरु की वैचारिक विरासत

Author Name: Dr. Kailash Chand Samota | Format: Paperback | Genre : Reference & Study Guides | Other Details

      मेरे द्वारा लिखित इस पुस्तक में मुख्य केन्द्र शोधार्थियों के साथ-साथ सामान्य स्तर के विद्यार्थियों को भी रखा गया है जो कि स्वयंपाठी के रूप में भी आसानी से इस सन्दर्भ की व्यापक एवं गहन समझ को विकसित कर सकते है। भारत का प्रत्येक नागरिक इस पुस्तक के अध्ययन से यह आसानी से जान पायेगा कि आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू की वैचारिक विरासत कैसे उनके विरोधियो के चिंतन मे भी आज प्रासंगिक बनी हुई है। पुस्तक की भाषा शैली को बहुत ही सरल और सुबोध स्वरूप दिया गया है।        

              इस रचना में नेहरू की प्रजातांत्रिक समाजवाद, लोकतंत्र, योजनाबद्ध विकास एवं औद्योगीकरण की अवधारणा का व्यापक, सार्थक, प्रामाणिक, विश्लेषणात्मक-तार्किक विवेचन किया गया है।

यह पुस्तक अन्य पूर्व रचनाओं से इस सन्दर्भ मे भिन्न है कि इसके अन्तर्गत सम्बन्धित पक्ष-विपक्ष को शामिल करने का प्रयास किया गया है जिससे कि नेहरू के विचारों का समग्र विश्लेषण किया जा सके। यह पुस्तक विशेष रूप से नेहरूवियन शोधार्थियों के लिए बहुत उपयोगी व सार्थक सिद्व होगी।

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डॉ. कैलाश चन्द सामोता

डॉ. कैलाश चन्द सामोता राजस्थान विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत है। आप गत एक दशक से अध्यापन व अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। सामोता मूलतः ग्राम-नाड़िया, सिंगोद खुर्द, जिला-जयपुर के निवासी है। आपका जन्म एक खेतिहर मजदूर के परिवार में सितंबर, 1986 ई. को हुआ। आपने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्वयंपाठी के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त की। 2010 ई. में राज्य पात्रता परीक्षा  (SET) तथा नेट व जुनियर रिसर्च फैलोसिफ (NET, JRF) की उपाधि अर्जित की तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा, 2013 में सामान्य क्षेणी में 381 वीं रैंक प्राप्त कर अधीनस्थ सेवा के लिए चयनित हुए।  आपने अनेक अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों और गोष्ठियों   में शोध पत्र प्रस्तुत किए है।  

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