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SABHI DHARMO KA SAAR / सभी धर्मो का सार

Author Name: Nilesh Kumar Agarwal | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

मनुष्य जब इस संसार में आता है तब उसे कुछ पता नहीं होता। उसे उसके माँ-बाप, रिश्तेदार, दोस्त, अध्यापक आदि, जो कुछ सीखा देते है वहीँ ज्ञान उसे जीवन जीने की दिशा देता है। किन्तु वह ज्ञान कितना सही है और कितना गलत, इसका फैसला कैसे हो? इसका फैसला होता है ईश्वर द्वारा रचित ग्रंथों से। आप किसी भी धर्म को क्यों न चुने, इससे कोई फरक नहीं पड़ता। क्यूंकि कोई भी धर्म आपस में लड़ना, झगड़ना या किसी को तकलीफ देना नहीं सिखाता। किन्तु मनुष्य को इसका ज्ञान लोगों से मिलता है, वह लोग जिन्होंने शायद उन ग्रंथों को ठीक तरीके से पढ़ा नहीं या समझा नहीं। इसीलिए यदि आपको जीवन को समझना है तो उससे पहले अपने ग्रंथों को खुद पढ़े और उसे समझने की कोशिश करें की ईश्वर आपसे क्या कहना चाहते है। यह इस प्रकार होगा जैसे आजकल की दुनिया में किसी खेल के नियम होते है। यदि आपको नियम नहीं पता होंगे तो क्या आप उस खेल को सही तरीके से खेल पाएंगे, नहीं।
अब सवाल यह आता है की हमें कोन से ग्रन्थ पढ़ने चाहिए या किस धर्म को स्वीकार करना चाहिए। इसका उत्तर है की आपको सभी ग्रंथों को पढ़ना चाहिए और सभी धर्मों को समझना चाहिए। अब जिस प्रकार किसी मंज़िल तक पहुँचने के रास्ते अलग-अलग हो सकते है किन्तु सबकी मंज़िल तो एक ही है। ईश्वर एक वृक्ष है, जिसकी अलग-अलग जड़ों को धर्म का रूप दे दिया है। हर टहनी यानि हर धर्म से कुछ पत्ते यानी लोग निकलते है। किन्तु हर टहनी यह भूल जाती है की उसकी जड़ एक ही है, उसके उत्पन्न हुए पत्ते भी एक जैसे ही है। जो मनुष्य इस बात को समझ पाता है, वह सदैव जीवन में सफलता प्राप्त करता है। यही कारण है की संसार में केवल कुछ ही लोग कामयाब हो पाते है, क्यूंकि वह अपने ग्रंथों का पूरा ज्ञान रखते है।

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नीलेश कुमार अग्रवाल

इस पुस्तक के लेखक श्री नीलेश कुमार अग्रवाल जी समाज में लोगों को जागरूक करने का कार्य कई वर्षों से करते आ रहे है। उनका मानना है की मनुष्य का धर्म  कोई भी हो इससे फर्क नहीं पड़ता, फर्क इस बात से पढता है की, क्या उसे अपने धर्म ग्रंथों का सम्पूर्ण ज्ञान है या नहीं? केवल इस प्रश्न का उत्तर ही उसे इस संसार  के मायाजाल से मुक्त कर सकता है।  इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने इस पुस्तक को लिखा है, जिसमें उन्होंने सभी धर्म ग्रंथों के सार को शामिल करने का एक बखूबी प्रयास किया है।  

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