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Uprant / उपरांत a collection of Hindi poetry on love & life/कविता संग्रह

Author Name: Sneha Vishwakarma | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

भूल कर सारी भूलों को,
आज सिर्फ, जी लेते हैं चल.....
खुदगर्ज़ी के रेशों से,
कुछ लम्हें बिन लेते हैं, चल.....
हाथ किसी का थाम के,
दर्द, दर्ज करा आते हैं, चल.....
कोई आँख सूनी दिख गयी तो,
दो बातें अर्ज करा आते हैं, चल......


स्नेहा विश्वकर्मा अपनी कविताओं के जरिये उन अनुभवों की एक झलक दिखती हैं, जिनसे ज़िन्दगी हर रोज़ हो कर गुजरती है|व्यक्तिगत अनुभव से स्नेहा बताती हैं है की एक महिला कैसे अपने आप को अलग महसूस करती है, मुसीबतों को झेलती है और उनसे मिली सीख से कैसे अपने जीवन में आगे बढ़ती है|

उपरांत, गद्य, पद्य और रेखांकन का एक संकलन है जो प्रतिबिंबित करता है एक महिला के उद्देश्यपूर्ण अस्तित्व को|

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स्नेहा विश्वकर्मा

मेरा जन्म ४ सितम्बर को छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे हुआ, जिसका नाम भाटापारा है| मैंने प्रारंभिक व उच्च शिक्षा भाटापारा और भिलाई में ग्रहण की और फिर जीविकोपार्जन के लिए मैं बैंगलोर आ गयी, और अब मैं यहाँ अपनी बिटिया और पतिदेव के साथ रहती हूँ| नौकरी तो मैं अब भी मैं करती हूँ लेकिन ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव मुझे कलम के पास ले ही जाते हैं| लिखने के अलावा मुझे सृजनात्मक चीज़ों में खुद को लीन करना अच्छा लगता है, जैसे पेंटिंग, कड़ाई-बुनाई, कुकिंग; ये मुझे, मुझे ही समझने में मदद करती हैं|

हाल ही मेरे इंग्लिश में लिखे काव्य संग्रह 'I wish I could’ ने लोकप्रियता पायी है|

Wishing you a fabulous time!

Be true, be you,

Sneha

Connect4idha@gmail.com

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