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Dil se / दिल से

Author Name: Atul Malikram | Format: Paperback | Genre : Letters & Essays | Other Details

दिल से...

दिल से... समाज के प्रति लेखक के विचारों और दुनिया को देखने के अपने नज़रिए को पाठकों को सौंपने के उद्देश्य से लिखी गई किताब है। यह सामाजिक संरचना पर आधारित लेखों के माध्यम से पाठकों के दिलों में स्थान बनाने का वादा करती है। किताब के लेख समाज की उधेड़-बुन, प्रेरणादायी जीवन, राजनीतिक उठा-पटक, व्यापार आदि को नई दिशा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों के इर्द-गिर्द घूमते हैं।

दिल से... सिर्फ एक किताब ही नहीं, बल्कि अनुभव के साथ जाग्रत हुई सामाजिक संरचना के प्रति उन करोड़ों लोगों की आवाज़ है, जो अपनी सोच को शब्दों का रूप देने में कहीं न कहीं कमी पाते हैं। इस किताब को लेखक ने अपने पांच दशकों से अधिक के अनुभव को निचोड़ के रूप में पेश किया है। यह किताब विभिन्न लेखों के माध्यम से शिक्षा, राजनीति, समाज, संस्कृति, प्रेरणा और व्यवसाय संबंधी क्षेत्रों में लेखक के विचारों को सरलता से समझी जा सकने वाली भाषा में व्यक्त करती है। बात कोरोना काल में औंधी चोट खाई हुई शिक्षा की हो, या कलयुग में इंसानियत के बदलते रवैये की, भारत की सदियों से चली आ रही संस्कृति की हो या पृथ्वी के प्राणियों के प्रति विलुप्त होते सेवा भाव की, हर एक क्षेत्र के संबंधित लेख भावनाओं और विचारों के साथ बेहद खूबसूरती से पिरोए गए हैं। सामाजिक संरचना की नींव की मरम्मत करते और इसे मजबूत करते हुए यह किताब दिल छू लेने वाले लेखों के माध्यम से समाज के कुछ ऐसे अनछुए मुद्दों को भाव देने का कार्य करती है, जिसका विचार भी आम मस्तिष्क में मुश्किल से घर करता है। किताब के लेख सिर्फ प्रेरणादायक ही नहीं हैं, बल्कि समाज को एक नई दिशा, नई सोच देने का साहस भी रखते हैं।

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अतुल मलिकराम

अतुल मलिकराम... 

जनसंपर्क के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले अतुल मलिकराम, आज किसी पहचान के मोहताज़ नहीं हैं। राजनीति में विशेष रूचि रखते हुए, अतुल ने सियासी गलियारे की नब्ज़ को बखूबी समझा है और शायद इसी का नतीजा है कि राजनीतिक क्षेत्र में किया गया उनका पूर्वानुमान एकदम सटीक साबित हुई हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की पूर्व घोषणा हो, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने या प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल की भविष्यवाणी, अतुल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ से सब को अचंभित किया है। राजनीतिक विश्लेषक के रूप में अपनी अलग छवि बनाते जा रहे, अतुल ने एक ऑनलाइन व्यूज प्लेटफार्म 'ट्रूपल' के माध्यम से समाज के कुछ अनछुए मुद्दों जैसे भारत रत्न के असल हक़दार, भारतीय मुद्रा नोटों पर नेताजी बोस, भगत सिंह जैसे वीर योद्धाओं की छवि, घुमन्तु समाज का पिछड़ापन या यूएन सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जन-जागरूकता के लिए, क्रांतिकारी ढंग से कार्य जारी रखा है। इस कड़ी में वह जल्द ही #2030KaBharat कार्यक्रम का नेतृत्व करते भी नजर आएंगे।  

अतुल मलिकराम का जन्म 1969 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बिजनेस क्लास परिवार में हुआ था। उन्होंने 1999 में ओगिल्वी के साथ एक पीआर पेशेवर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। यहां उन्हें विभिन्न ग्राहकों के साथ कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसमें लोकप्रिय 'गोली की हमजोली' कैंपेन भी शामिल है। पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में जरुरी कौशल और ज्ञान हासिल करने के उपरान्त, इस क्षेत्र के प्रति उनके उत्साह और जूनून ने, उन्हें 2006 में अपनी खुद की पीआर कंपनी, 'पीआर 24×7' की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। अतुल ने इंदौर शहर में देश के पहले कांसेप्ट कैफ़े 'भड़ास' को देशवासियों के समक्ष पेश किया। बुजुर्गों के प्रति सामाजिक नजरिये को एक सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से अतुल ने एनजीओ 'बीइंग रिस्पांसिबल' की नींव रखी।  

अतुल को एक ऐसे उत्साही व्यक्तित्व के रूप में समझा जा सकता है, जो हमेशा ही ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है और अपने आस-पास के माहौल में समान ऊर्जा का संचार करने की क्षमता भी रखता है। तीन सदस्यों के एक छोटे और खुशहाल परिवार के रूप में, अतुल अपनी पत्नी और बेटी से सतत आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं। सादा जीवन-उच्च विचार के आदर्श पर चलते हुए,उन्हें सामाजिक कार्यों में अपने अनगिनत योगदान के लिए वर्ष 2002 में 'गॉडफ्रे फिलिप्स अवार्ड' से भी सम्मानित किया गया था।

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