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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palमाता-पिता अपने बच्चों को एक अच्छा इन्सान बनाने में उनकी सहायता कर सकते हैं, एक ऐसा इन्सान जिसमें दया, सहानुभूति, आत्म-विश्वास, कर्मठता और साहस हो। इस लक्ष्य को पाने के लिए माता-पिता को कुछ कौशल सीखने की जरूरत है। केवल प्यार काफ़ी नहीं है। अंतर्दृष्टि काफ़ी नहीं है। माता-पिता ठोस समस्याओं का सामना करते हैं, उन्हें इनके ठोस समाधान चाहिएँ। केवल इतना कहना काफ़ी नहीं है, “बच्चे को ज्यादा प्यार दीजिए”, “इस पर और अधिक ध्यान दीजिए” या “इसे और अधिक समय दीजिए” माता-पिता को बच्चों से उचित व्यवहार के कौशल सीखने होंगे।
हम आज सूचना-युग में जी रहे हैं। इंटरनेट पर, विकीपीडिया पर सब कुछ उपलब्ध है। फिर भी एक साधारण व्यक्ति के लिए प्रामाणिक और सही जानकारी ढूँढ़ना एक चुनौती है। वट्स-अप आदि पर अधकचरे ज्ञान की भरमार होती है। इसलिए मानववादी और वैज्ञानिक नजरिये से बच्चों का पालन-पोषण कैसे होना चाहिए, इसको इस पुस्तक में समेटा गया है। यह पुस्तक इसी उद्देश्य को लेकर लिखी गई है। यह माता-पिता को उचित पालन-पोषण करके अच्छे माता-पिता बनने में आपकी सहायता करेगी।
मनोज मलिक
इस पुस्तक के लेखक श्री मनोज मलिक चंडीगढ़ शहर में हिन्दी अध्यापक (M.A.,B.Ed.) हैं। आपका बचपन पानीपत शहर में बीता। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बी. एड. और इतिहास विषय में एम. ए. की। आप लगभग 30 वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक के साथ जुड़े रहे। जिला स्तर के विभिन्न दायित्वों का निर्वाह किया। अपने अध्ययन के फलस्वरूप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से मोहभंग हुआ और अंततः एक सेकुलर मानववादी (Humanist) बन गए। आजकल आप "चंडीगढ़ हयूमनिस्ट एंड फ्री थिंकर्स" के सचिव के नाते काम रहे हैं और उत्तर भारत के क्षेत्र में मानववाद के प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं।
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