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Tanhainya / तन्हाईयाँ

Author Name: Dr. Narendra Tripathi | Format: Paperback | Genre : Families & Relationships | Other Details

हमारी ये दुनिया करीब साढ़े छः करोड़ साल पहले एक ऐसी बड़ी घटना से गुजर चुकी है। जिसमें 70: जीवन समाप्त हो गया था। ये वही समय था। जब डायनासोर खत्म हो गये थे। माना जा रहा है कि इस दुनिया को हम फिर उसी घटना की तरफ ढ़केल रहें हैं।

आष्चर्य! हम प्रेम में भी सहज नही हो पातें हैं। क्योकि स्वयं से अंर्तमन की गहराई में नही मिल पाये है, कि नही पहचान पाये है कि हम कौन है? हमे यह पता ही नही कि हम जिस एक तत्व से बने है। वह है प्रेम जब हम स्वयं से हम जुड़ नही पाते, अन्य किसी से भी नही जुड़ पाते तो कोई जब तुमसे प्यार का संबंध रखना चाहे और तुम्हे असहजता लगे, तो वह दर्षाता है, कि तुम स्वयं से नही जुड़े हो और इसी कारण प्रेम पाने मे असमर्थ हो।

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डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी

लेखक ने एक बाल रोग विशेषज्ञ और बाल रोग सर्जन के रूप में 20 साल डॉक्टर के रूप में काम किया। लेखक बहुत ही आध्यात्मिक व्यक्ति है। कविताओं को लिखने के बाद, लेखक उसी के साथ आध्यात्मिक संबंध रखता था। कविता, उपन्यास आदि लिखने में उनकी रुचि बचपन से ही है। वर्तमान में पुणे में रह रहे हैं।

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