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Sookun Farar Hai / सुकून फ़रार हैं कोई ढूंढे जरा...

Author Name: Rajesh Raana | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

 ‘सुकून फ़रार है ’ काव्य संग्रह जीवन में भोगे गये यथार्थ की गाथा है ! इसके भाग एक में काव्य संग्रह है , भाग दो में शायरी तथा भाग तीन में उद्वेलित करते ख्याल है ! संग्रह में जीवन के हर रंग का चित्रण है ! इसमें पृकृति का रुदन है , तो मानव मन का पश्चाताप भी है , रिश्तो की गर्माहट  है तो एकांत की अकुलाहट भी है ,  यहा मजदूरों की दुर्दशा का वर्णन है तो महबूब की महक भी है , यहाँ प्रेमी का प्रेम है तो धोखे का असर भी है , जीवन का संघर्ष है तो शाम का सुकून भी है यानि की इसमें वो तमाम रंग है जो जीवन के केनवास पर उभर सकते है , कोई रंग बाकि नहीं बचा है !  सबसे बड़ी बात यह है कि सारी रचनाये तात्कालिक रुप से भोगे गये यथार्थ या किसी घटना या जीवन में हुए किसी बदलाव पर एक ही बैठक में जैसी जेहन में आई वैसी की वैसी लिखी गयी है यानि कि बिलकुल शुद्ध और ताज़ी ताज़ी रचनाये ! आज जहाँ कविता और शायरी में व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का बोलबाला है यह बिलकुल उनसे उलट मन को बहलाने के लिए लिखी गयी स्वयं की जीवनी है  ! यह कोई व्यवसायिक काव्य सृजन नही है बल्कि भोगे गए यथार्थ की व्यथा कथा है ! कविताओ में जो कुछ है वो आँख और कान से देखी और सुनी गयी वास्तविक भावनाए है ! इस तरह से लिखा गया है कि पाठक स्वयं अपने अंतर्मन में महसूस कर सकता है ! दावा है कि पाठक एक बार पढना शुरू करें तो अंत तक बंधा रह सकता है ! 

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राजेश राणा

श्री राजेश ‘राणा’ का मूल नाम राजेश सूर्यवंशी है तथा वे अपने मूल उपनाम राजेश ‘राणा’ की पहचान के साथ काव्य और लेख सृजन करते है ! मप्र निमाड़ क्षेत्र के बड़वानी जिले से एक छोटे से ग्राम देवला (नेशपुरा) से ताल्लुक रखते है ! उनके  एक उदार हृदय वाले मंझले किसान है ! वे अपने पिता की उदारता और ईमानदारी के कायल रहे है तथा उन्ही के सिद्धांतो का निर्वहन करने का पूर्ण प्रयास करते है ! प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण स्तर पर ही सम्पन्न हुई तथा उच्च अध्ययन जंतु विज्ञान विषय में बड़वानी जिले के शासकीय शहीद भीमा नायक महाविद्यालय से प्राप्त किया ! वर्तमान में भारत सरकार के सबसे प्रतिष्ठित और विश्व के सबसे बड़े नेटवर्क कहे जाने वाले डाक विभाग अंतर्गत इंदौर नगर संभाग में कार्यरत है ! काव्य और लेख सृजन उनकी रूचि का विषय रहा है ! वे एक व्यावसायिक कवि/शायर/लेखक नही है बल्कि जो भी सृजन करते है वो देशकाल का वर्तमान परिदृश्य या जीवन से जुडी कोई होनी/अनहोनी घटना का निचोड़ होता है ! उनके सृजन में आप देश , हालात , पृकृति , जीवन , प्रेम , ग्राम , दर्शन जैसे विविध बिम्बों का प्रतिसाद पायेंगे! आपको उनकी कविताओ/शायरी/नज्मो में जीवन का हर रंग नज़र आयेंगे ! आप इस किताब का आखरी पन्ना पढ़कर भीगते हुए बाहर निकलेंगे !

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