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Kuchh Tere Dil Ki, Kuchh Mere Dil Ki / कुछ तेरे दिल की, कुछ मेरे दिल की Kavitha Sangrah

Author Name: Rashmi Gupta | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

'कुछ तेरे दिल की, कुछ मेरे दिल की', कुछ तुम्हारे बारे में और कुछ शायर के बारे में है।

यह इंसान, कलाकार, वक़्त और जज़्बात के बारे में है; तुम्हारी और शायर की ज़िंदगी के बारे में है।

रश्मि गुप्ता सिर्फ़ अपना नहीं, औरों के दिल का भी ख़याल रखती हैं। तुम्हारे दिल की बात जो ज़ुबाँ तक ना पहुँच सकी, रश्मि गुप्ता ने लिखकर बयाँ कर दी। इसीलिए, 'कुछ तेरे दिल की, कुछ मेरे दिल की'!

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रश्मि गुप्ता

ज़िद्दी हवा रश्मि गुप्ता, जिन्हें बचपन में बोलने की आज़ादी नहीं मिली, 13 साल की सवालों से उमड़ती उम्र में, छुप-छुपके लिखने लगीं। अपने दिल के शब्दों को वे कविता का रूप लेते देखने लगीं।

मजबूरी की नौकरी छोड़ देने के बाद, 2 साल पहले वे पुणे में थिएटर से जुड़ीं; कविताओं के साथ-साथ अब अभिनय, कहानियाँ और नाटक लिखना उनकी ज़िंदगी में शामिल हो चुके हैं।

'कुछ तेरे दिल की, कुछ मेरे दिल की', उनकी ज़िंदगी की पहली किताब है।

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